Ips LCD display vs Amoled display Who Is Best

Ips LCD display vs Amoled display Who Is Best
Ips LCD display vs Amoled display

Ips LCD display vs Amoled display :- हेलो एंड वेलकम दोस्तो महू आपका दोस्त भावेश एंड आज में आपके लिए एक बहोत ही मजेदार ओर काम की जानकारी लेकर आया हूं। दोस्तो आप सब लोग मोबाइल और लैपटॉप कंप्यूटर या टीवी इस्तेमाल करतेही होंगे। ओर खास करके ज्यादातर आप मोबाइल का उपयोग तो जरूर करते होंगे। इस लिए में आज आपको मोबाइल के डिस्प्ले के बारे में बताने वाला हूं। कि डिस्प्ले किस प्रकार के आतें है और उसमें क्या फर्क है? दोस्तों आज हम बात करने वाले है IPS LCD डिसप्ले ओर Super Amoled डिसप्ले के बारे में। दोस्तो में इन दोनो डिसप्ले के बारे में में आपको पूरी जानकारी दूँगा ओर इनके कुछ फायदे ओर नुकशान के बारे में भी बताऊँगा। तो चलिए दोस्तो जानते है कि इन दोनों डिसप्ले के बीच क्या अंतर है।

IPS LCD डिसप्ले:-

दोस्तो सबसे पहले में आपको IPS LCD डिसप्ले का पूरा नाम बता त हूं। दोस्तो IPS LCD डिसप्ले का पूरा नाम है इन प्लेन स्विचिंग लिक्विड क्रिस्टल डिसप्ले। दोस्तो यह आईपीएस एलसीडी डिसप्ले की बात करे तो यह डिसप्ले बजेट फोन में इस्तेमाल होता है। यह डिसप्ले एमोलेड डिसप्ले से थोड़ी सी मोटी होतीं है। बात करे इस डिसप्ले के कलर की ओर पिक्टर कॉलेटी की तो इस डिसप्ले में भी हमे बहोत ही बढ़िया नैचरल कलर ओर पिक्चर्स दिखते है।

IPS LCD डिसप्ले कैसे काम करता है?:-

दोस्तो आईपीएस एलसीडी डिसप्ले में आपको सभी कलर इन डोर ओर आउट डोर अच्छे कलर दिखेंगे। क्योकि इस डिसप्ले में एक बैक लाइट होती है जो कि मोबाइल की स्क्रीन ऑन होते ही वह भी ऑन हो जाती है। दोस्तो आईपीएस एलसीडी डिसप्ले में एक बैक लाइट होति है जिसमेसे लाइट निकलती है और इसके आगे पोलाराईजिंग फिल्टर्स लगे होते है। जोकि लिक्विड क्रिस्टल होते है। इन क्रिस्टल पर जब लाइट पड़ती है तब यह क्रिस्टल लाइट को पोलाराइज कर देता है जिससे यह तय होता है कि किस कलर की लाइट निकल नी है। ओर फिर हमें इसकी मदद से डिसप्ले पर पिक्चर्स दिखाई देते है। दोस्तो इस बात को हम एक उदाहरण के रूप से समाज ना चाहे तो कुछ ऐसे समज सकते है कि हमारे के पास एक टोर्च हो और जिसकी मदद से सिर्फ एक ही कलर की लाइट मिलती हो जोकि सफेद होती है। ओर अगर हमे लाल या हरा या फिर कोई और कलर की लाइट चाहिए तो हम क्या करते है कि उस लाइट के आगे उस कलर का एक कागज रख देते है। ओर फिर हमें उस कलर का प्रकाश मिल सकता है। दोस्तो आईपीएस एलसीडी में भी कुछ ईसी तरह से होता है। और आप जानतेहि होंगे कि डिसप्ले को हम तोड़ दे तो उसमेंसे कही सारे काच या प्लास्टिक के पड़ निकल ते है यह सभी पड पोलाराइजिंग फिल्टर्स ओर लिक्विड क्रिस्टल होते है। जिस मेसे अलग अलग कलर निकलते है। जोकि हमे डिसप्ले पर पिक्चर्स ओर कलर क्रिएट करके देते है। दोस्तो आईपीएल एलसीडी डिसप्ले के कूछ फायदे है और कुछ नुकसान भी है जैसे कि।

आईपीएस एलसीडी डिसप्ले के फायदे:-

दोस्तो आईपीएस एलसीडी डिसप्ले में आपको सभी कलर्स एकदम नेचुरल दिखते है। कोई बहोत ज्यादा ओवर कलर नही दिखता आपको सभी कलर्स रियल दिखते है। और यह डिसप्ले एमोलेड डिसप्ले से सस्ते होते है।

आईपीएस एलसीडी डिसप्ले के नुकसान:-

दोस्तो आईपीएस एलसीडी डिसप्ले के नुकसान की बात करे तो इस डिसप्ले में अलग अलग पोलाराइजिंग पड़ होने के कारण यह साइज में थोड़ा मोटा होता है। और इसकी बैक लाइट ऑन रहने के कारण यह डिसप्ले ज्यादा बैटरी खाता है।

AMOLED Display:-

दोस्तो एमोलेड डिसप्ले का पूरा नाम Active Matrix Organic Light Emmiting Diode है। दोस्तो बात करे एमोलेड डिसप्ले की तो यह डिसप्ले आईपीएस एलसीडी डिसप्ले से पतले होते है। और यह डिसप्ले महंगे फोन में इस्तेमाल होते है। इस हमे बहुत बढ़िया कलर ओर पिक्चर्स देखने मिलते है। इस डिसप्ले की कलर्स ओर पिक्चर्स की बात ही कूछ अलग है इसमें हमे एकदम नेचरल देखने नही मिलते लेकिन फिर भी आईपीएस एलसीडी डिसप्ले से ज्यादा अच्छे लगते है।

AMOLED Display कैसे काम करता है? :-

दोस्तों आईपीएस एलसीडी डिसप्ले में बैक लाइट होतीं है लेकिन एमोलेड डिसप्ले में बैक लाइट नही होती इसमे सभी पिक्सेल के पास खुद की लाइट होती है। इसकी मदद से हर एक पिक्सेल खुद तय करता है कि उसे कब लाइट निकाल नई है और किस कलर की कितनी लाइट निकाल नी है। ओर जब कोई पिक्सेल को कोई भी कलर नही निकाल ना हो तब वह पिक्सेल बंध रहता है। और अगर काल रंग निकाल ना हो तब भी वह बंध रहता है। और इसी के कारण हमें इस डिसप्ले में काला रंग अच्छा दिखता है। Ips LCD display vs Amoled display Who Is Best

Amoled Display के फायदे:-

एमोलेड डिसप्ले के कही सारे फायदे है। यह डिसप्ले में अलग से बैक लाइट नही होती इसलिए यह डिसप्ले साइज में पतला होता है। इसमे काल रंग और बाकी सभी कलर भी हमे अच्छे दिखते है। और इसमे जब काल रंग दिखाना हो तब इसका पिक्सेल ऑफ रहता है इसलिए बैटरी भी कम खाता है। अगर हम काले कलर का थीम या वॉलपेपर लगाए तो हमे कुछ एक्स्ट्रा बैटरी सेविंग मिलती है।

Amoled Display के नुकसान:-

एमोलेड डिसप्ले में हमे एकदम वह आईपीएस एलसीडी डिसप्ले जैसे नेचरल कलर देखने नही मिलते ओर यह डिसप्ले बजेट में थोड़ा महँगा होता है इसलिए हमें बजेट फ़ोन में देखने भी नही मिलते। यह डिसप्ले हमे महँगे फोन और फ्लैगशिप फोन में ही देखने मिलते है। तो दोस्तो आशा करता हु आपको यह जानकारी अच्छी लगी होंगी। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लहि हो तो अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेर जरूर करे।

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निष्कर्ष:-

दोस्तो अगर आपको इस जानकारी में गलती लगे तो कमेन्ट में इंफॉर्म करे और ऐसी ही नई नई जानकारी पाने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क जरूर करे। धन्यवाद

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